स्वादिष्ट और पौष्टिक मूंग दाल खिचड़ी बनाने की सरल विधि और स्वास्थ्य लाभ
खिचड़ी भारतीय रसोई की एक ऐसी डिश है जिसे न केवल बनाना आसान है बल्कि यह पोषण से भरपूर भी होती है। मूंग दाल खिचड़ी का स्थान भारतीय खाने में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, खासकर तब जब बात स्वास्थ्य की आती है। आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है यह खिचड़ी और इसे खाने के अनगिनत लाभ।
मूंग दाल खिचड़ी की सामग्री
- 1 कप बासमती चावल
- 1/2 कप मूंग दाल (छिली हुई)
- 2 बड़ा चम्मच घी
- 1 चम्मच जीरा
- 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
- स्वादानुसार नमक
- 6-7 कप पानी
- बारीक कटी हुई सब्जियां (गाजर, मटर, आलू)
- एक चुटकी हींग
- गर्म मसाला (वैकल्पिक)
मूंग दाल खिचड़ी बनाने की विधि
पहला चरण: तैयारी
चावल और दाल को अच्छे से धो लें। इन्हें करीब 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखें। इस दौरान आप सब्जियों को बारीक काटकर तैयार कर लें।
दूसरा चरण: खिचड़ी पकाना
- सबसे पहले एक प्रेशर कुकर में घी गर्म करें।
- इसके बाद उसमें जीरा और हींग डालें। जब जीरा तड़क जाए, तो इसमें कटे हुए सब्जियां डालें।
- सब्जियों को कुछ मिनट के लिए भून लें। फिर इसमें हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- अब इसमें भीगे हुए चावल और मूंग दाल डालकर 1-2 मिनट के लिए भूनें।
- इसके बाद स्वादानुसार नमक और गर्म मसाला डालें।
- अब इसमें पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दें और मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं।
तीसरा चरण: परोसना
गर्मागर्म खिचड़ी को परोसें। आप इसे पापड़, अचार या दही के साथ परोस सकते हैं।
मूंग दाल खिचड़ी के स्वास्थ्य लाभ
मूंग दाल खिचड़ी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि इसके अनेकों स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।
पाचन के लिए आसान
खिचड़ी को पचाना आसान होता है, खासतौर पर बीमार व्यक्ति और बच्चों के लिए यह सबसे उपयुक्त भोजन है।
पोषण का खजाना
मूंग दाल खिचड़ी में प्रोटीन, फाइबर, और कई विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं।
डिटॉक्स करने में सहायक
यह एक हल्का भोजन है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करने में मदद करता है और शरीर को साफ रखता है।
वजन कम करने में सहायक
मूंग दाल खिचड़ी में कम कैलोरी होती है और इसे खाकर पेट भरने का एहसास होता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती।
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना
इसके पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं, जो हमें संक्रमण से बचाते हैं।
अंतिम विचार
मूंग दाल खिचड़ी एक ऐसी डिश है जो हर भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है। इसे बनाना जितना सरल है, इसका सेवन उतना ही स्वास्थ्यवर्धक है। इसे अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं और इसके लाभ प्राप्त करें।